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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤¸à¥€ के दौरान लहसà¥à¤¨ खाना कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? जानिà¤
Side-Effects Of Garlic: लहसà¥à¤¨ के कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ फायदे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ जमाने से लोगों को मिलते आ आ रहे हैं, लेकिन आपको पता होना चाहिठउसका कब इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करना है, विशेषकर पà¥à¤°à¥‡à¤—ेननà¥à¤¸à¥€ के दौरान.
à¤à¥‹à¤œà¤¨ के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को बेहतर बनाने के अलावा लहसà¥à¤¨ का परंपरागत इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ फायदों के लिठकिया जाता रहा है. उसका महतà¥à¤µ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯, यूनानी, रोमन, चीनी और जापानी संसà¥à¤•ृति में आज à¤à¥€ बरकरार है. लहसà¥à¤¨ में मजबूत गंध होने का कारण à¤à¤²à¥€à¤¸à¤¿à¤¨ नामक à¤à¤• केमिकल है. सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में या फà¥à¤²à¥‚ होने पर लहसà¥à¤¨ को औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के तौर पर जाना जाता है. डायबिटीज, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² की समसà¥à¤¯à¤¾, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर के इलाज में à¤à¥€ लहसà¥à¤¨ खाने की सिफारिश की जाती है. लेकिन ये समà¤à¤¨à¤¾ जरूरी है कि उसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कब नहीं करना है.
हर शरीर का महतà¥à¤µ अलग-अलग है और कà¥à¤› लोगों को लहसà¥à¤¨ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है. लहसà¥à¤¨ खाने के कारण à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ सà¥à¤•िन संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लेकर छाती और आंत में गंà¤à¥€à¤° जलन तक हो सकती है. कई रिपोरà¥à¤Ÿ से पता चलता है कि लहसà¥à¤¨ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के बाद लोगों ने मà¥à¤‚ह या पेट में जलन या मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€ और डायरिया का अनà¥à¤à¤µ साà¤à¤¾ किया. ये साइड-इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम रहे हैं.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤¸à¥€ में लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²- पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤¸à¥€ के दौरान सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ डाइट का पालन बचà¥à¤šà¥‡ और महिला दोनों के लिठफायदेमंद हो सकता है. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤Ÿ महिलाओं को संपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ डाइट, सबà¥à¤œà¥€ और फल में अधिक और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ मीटà¥à¤¸ और रिफाइनà¥à¤¡ कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ में कम खाने की जरूरत होती है. उनको सावधानी बरतने के अलावा कà¥à¤› फूड से परहेज à¤à¥€ करना पड़ता है. सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करनेवाला à¤à¤• सवाल होता है कि कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लहसà¥à¤¨ खाना चाहिठया नहीं. लहसà¥à¤¨ में फंगल विरोधी, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ रोधी गà¥à¤£ पाठजाते हैं और उसमें मैगà¥à¤¨à¥€à¤œ, पोटैशियम, आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन सी अधिक मिलता है. बहà¥à¤¤ सारे लोग वायरल रोधी गà¥à¤£ होने के चलते उसको अपनी डाइट में शामिल करते हैं. लेकिन लहसà¥à¤¨ के औषधीय गà¥à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤Ÿ महिलाओं की मदद करते हैं?
à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤¸à¥€ में लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤¸à¥€ की पहली तिमाही के दौरान उसे खाना चाहिà¤. पहली तिमाही के दौरान उसे फायदेमंद समà¤à¤¾ जाता है लेकिन दूसरी और तीसरी तिमाही में मातà¥à¤°à¤¾ को कम करने की सिफारिश की जाती है. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤¸à¥€ की पहली तिमाही के बाद सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है इस जड़ी बूटी को अपनी नियमित डाइट में शामिल करने से पहले महिला सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž की सलाह लें.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤¸à¥€ में कितना लहसà¥à¤¨ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें?
रिपोरà¥à¤Ÿ में बताया गया है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤Ÿ महिलाà¤à¤‚ लहसà¥à¤¨ की 2-4 कलियां खा सकती हैं. अगर जूस के तौर पर उसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहती हैं, तो 600-1200 मिलिगà¥à¤°à¤¾à¤® के बराबर मातà¥à¤°à¤¾ होना चाहिà¤. कचà¥à¤šà¤¾ लहसà¥à¤¨ खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤Ÿ महिलाओं को उससे नà¥à¤•सान हो सकता है. उसमें बà¥à¤²à¤¡ को पतला करनेवाले गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं. इसलिà¤, लहसà¥à¤¨ के साथ हद पार करने से बचें. तीखा सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध के कारण लहसà¥à¤¨ कà¥à¤› पà¥à¤°à¥‡à¤—नेनà¥à¤Ÿ महिलाओं के लिठगैर सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ हो सकता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिचली à¤à¥€ आ सकती है.
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